यदि दोलन करने वाले कण पर कार्य करने वाले बल में x², x³ आदि के समानुपाती अतिरिक्त पद हों, तो दोलक को वर्गीकृत किया जाएगा:
पाठ समझाता है: 'वास्तविक संसार में बल में x², x³ आदि के समानुपाती छोटे अतिरिक्त पद हो सकते हैं। इन्हें तब अरैखिक दोलक कहते हैं।' (NCERT, पृष्ठ 267)