संवेग संरक्षण का नियम न्यूटन के किन नियमों से सीधे व्युत्पन्न किया जा सकता है?
NCERT पाठ स्पष्ट रूप से कहता है: 'गति के द्वितीय और तृतीय नियम एक महत्त्वपूर्ण परिणाम की ओर ले जाते हैं: संवेग संरक्षण का नियम।'
भौतिक विज्ञान (Physics) के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।
संवेग संरक्षण का नियम न्यूटन के किन नियमों से सीधे व्युत्पन्न किया जा सकता है?
NCERT पाठ स्पष्ट रूप से कहता है: 'गति के द्वितीय और तृतीय नियम एक महत्त्वपूर्ण परिणाम की ओर ले जाते हैं: संवेग संरक्षण का नियम।'
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अग्र बायस में p-n संधि डायोड के V-I अभिलक्षणों का सही वर्णन करता है?
NCERT पाठ के अनुसार, 'अग्र बायस में धारा पहले बहुत धीरे-धीरे, लगभग नगण्य रूप से बढ़ती है, जब तक डायोड के सिरों की वोल्टता एक निश्चित मान पार नहीं कर लेती। अभिलाक्षणिक वोल्टता के बाद, डायोड बायस वोल्टता में बहुत छोटी वृद्धि पर भी डायोड धारा उल्लेखनीय रूप से (चरघातांकी) बढ़ती है।'
सिलिकॉन डायोड के लिए अनुमानित देहली वोल्टता या कट-इन वोल्टता क्या है?
NCERT कहता है, 'इस वोल्टता को देहली वोल्टता या कट-इन वोल्टता कहते हैं (जर्मेनियम डायोड के लिए ~0.2 V और सिलिकॉन डायोड के लिए ~0.7 V)।'
पश्च बायस में p-n संधि डायोड से प्रवाहित धारा प्रायः किस कोटि की होती है:
NCERT पाठ उल्लेख करता है, 'पश्च बायस में डायोड के लिए धारा बहुत छोटी (~μA) होती है और बायस में परिवर्तन के साथ लगभग नियत रहती है। इसे पश्च संतृप्त धारा कहते हैं।'
डायोड का गतिक प्रतिरोध ($r_d$) परिभाषित किया जाता है:
NCERT के अनुसार, 'डायोडों के लिए हम गतिक प्रतिरोध नामक एक राशि को वोल्टता में छोटे परिवर्तन ΔV और धारा में छोटे परिवर्तन ΔI के अनुपात के रूप में परिभाषित करते हैं: $r_d = \Delta V / \Delta I$ (14.6)'
अग्र बायस में p-n संधि डायोड के रोधिका विभव का क्या होता है?
संदर्भ कहता है, 'अग्र बायस में प्रभावी रोधिका ऊँचाई ($V_0 – V$) होती है।' साथ ही, 'रोधिका घटती है जबकि पश्च बायस में रोधिका बढ़ती है।'
पश्च बायस में p-n संधि डायोड की ह्रासी परत की चौड़ाई का क्या होता है?
NCERT के अनुसार, पश्च बायस में 'परिणामस्वरूप, विद्युत क्षेत्र में परिवर्तन के कारण रोधिका ऊँचाई बढ़ती है और ह्रासी क्षेत्र चौड़ा होता है'।
निम्नलिखित में से कौन-सा पश्च बायस में p-n संधि डायोड में धारा की प्रकृति का वर्णन करता है?
NCERT कहता है, 'संधि के विद्युत क्षेत्र की दिशा ऐसी होती है कि यदि p-ओर के इलेक्ट्रॉन या n-ओर के होल अपनी यादृच्छिक गति में संधि के निकट आते हैं, तो वे अपने बहुसंख्यक क्षेत्र की ओर बहा दिए जाते हैं। वाहकों का यह अपवाह धारा उत्पन्न करता है। अपवाह धारा कुछ μA की कोटि की होती है।'
p-n संधि डायोड मुख्यतः धारा के प्रवाह की अनुमति देता है:
संदर्भ स्पष्ट रूप से कहता है, 'उपर्युक्त विवेचन दर्शाता है कि p-n संधि डायोड मुख्यतः केवल एक दिशा (अग्र बायस) में धारा के प्रवाह की अनुमति देता है।'
कुल डायोड अग्र धारा का प्रारूपिक परिमाण क्या है?
NCERT कहता है, 'इस धारा का परिमाण प्रायः mA में होता है।' (अग्र धारा के संदर्भ में)।
Ready to ace NEET?
Free access · No credit card required
हाँ। इस पेज के हर Physics प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।
नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।
इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।