किसी समांतर संधारित्र की प्लेटें 100 V तक आवेशित की जाती हैं। यदि प्लेटों के बीच 2 mm मोटी पट्टी रखी जाए, तो समान विभवांतर बनाए रखने के लिए संधारित्र की प्लेटों के बीच दूरी 1.6mm बढ़ानी पड़ती है। पट्टी का परावैद्युतांक है
समान विभवांतर बनाए रखने के लिए, संधारित्र की प्लेटों के बीच प्रभावी दूरी $d_{eff}$ निम्न द्वारा दी जाती है: $$ d_{eff} = d - t + rac{t}{K} $$ दिया है कि $d - t + rac{t}{K} = d + 1.6 ext{ mm}$ तथा $t = 2 ext{ mm}$, इस समीकरण को हल करने पर परावैद्युतांक $K$ का मान 5 प्राप्त होता है।