Electrostatics NEET प्रश्न हिंदी में — भौतिक विज्ञान (Physics) MCQ उत्तर सहित

Electrostatics (Physics) के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

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किसी पूर्णतः आवेशित संधारित्र की धारिता ‘C’ है। उसे विशिष्ट ऊष्मा धारिता ‘s’ तथा द्रव्यमान ‘m’ के किसी ऊष्मारोधी गुटके में अंतःस्थापित प्रतिरोध तार की छोटी कुंडली से निरावेशित किया जाता है। यदि गुटके का तापमान ‘ΔT’ बढ़ जाता है, तो धारिता के बीच विभवांतर ‘V’ है 

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12CV2=m.s.ΔT

V=2msΔTC

4 μF का संधारित्र, 2.5 MΩ का प्रतिरोध 12 V बैटरी के साथ श्रेणीक्रम में है। वह समय ज्ञात कीजिए जिसके बाद संधारित्र के बीच विभवांतर प्रतिरोधक के बीच विभवांतर का 3 गुना हो। [दिया है ln(2)= 0.693] 

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VR=V04= V0etRC

14= et10

4=et10

loge4=t10

t = 10 log 4 = 13.86 (RC = 2.5 × 106 × 4 × 10−6 = 10)

10µC का कोई आवेश XY निर्देशांक निकाय के मूल बिंदु पर रखा गया है। दो बिंदुओं (a, 0) तथा a/2 , a/2 के बीच वोल्ट में विभवांतर होगा।

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1. मूल बिंदु से इन दोनों बिंदुओं की दूरी a है। अतः इन बिंदुओं पर विभव

    बराबर होगा तथा विभवांतर शून्य होगा।

      V=Kqa-Kqa=0

किसी समांतर पट्टिका संधारित्र को किसी निश्चित विभवांतर तक आवेशित किया जाता है। पट्टिकाओं के बीच 3 mm मोटाई की एक पट्टी डाली जाती है तथा उसी विभवांतर को बनाए रखने के लिए पट्टिकाओं के बीच दूरी 2.4 mm बढ़ाना आवश्यक हो जाता है। पट्टी का परावैद्युतांक है– 

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2.   σε0d = σε0 d+2.4-3+3k        d=d-3+2.4+3k        3-2.4 = 3k        0.6=3k        k=5

 5mm दूर स्थित दो समांतर चालक पट्टिकाएँ एक के ऊपर एक क्षैतिज रूप से रखी हैं। ऊपरी पट्टिका 15 kV के धनात्मक विभव पर रखी जाती है जबकि निचली पट्टिका भू-संपर्कित है। यदि सापेक्ष घनत्व 0.92 तथा त्रिज्या 5 µm की कोई छोटी तेल की बूँद पट्टिकाओं के बीच स्थिर रहती है, तो बूँद पर आवेश होगा।

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1.  पट्टिकाओं के बीच विद्युत क्षेत्र तीव्रता E=Vd=15×1035×10-3=3×106 V/m

  तेल की बूँद का भार =43 πa3ρg

  =43π5×10-63×0.92×103 9.8

  साम्य के लिए qE=mg.

      q=mgE=4×π×125×0.92×9.8×10-153×3×106 C     = 4×π×125×0.92×9.8×10-159×106×1.6×10-19=10e

  इलेक्ट्रॉनिक आवेश।

त्रिज्या R1 तथा R2 के दो आवेशित चालक गोले, जो बड़ी दूरी से पृथक हैं, किसी लंबे तार से जोड़े जाते हैं। उन पर आवेशों का अनुपात है –

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1.  जब किसी लंबे तार से जोड़े जाते हैं तब

      Q1Q2=C1VC2V=4πε0R1V4πε0R2V       Q1Q2=R1R2

अनंत आवेश, प्रत्येक q कूलॉम का, x-अक्ष पर x = 1m, 2m, 4m, 8m, -------- पर स्थित हैं। x = 0 पर इन आवेशों के कारण विद्युत विभव होगा – 

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3.   V = Kq 11+12+14+.....         = Kq a1-r        = Kq 11-12        = 2Kq

किसी समांतर पट्टिका संधारित्र की पट्टिकाओं में से प्रत्येक का क्षेत्रफल 90 cm2 है तथा वे 2.5 mm से पृथक हैं। संधारित्र को 400 वोल्ट आपूर्ति द्वारा आवेशित किया जाता है। संधारित्र द्वारा कितनी स्थिरवैद्युत ऊर्जा संचित होती है?

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Here,        A=90 cm2   =90×10-4 m2 ;  d=2.5 mm   =2.5×10-3 m ;   V= 400 volt                  C=ε0Ad = 8.854×10-12×90×10-42.5×10-3                     = 3.187×10-11 F                  W= 12 CV2=12×3.187×10-11×4002                      = 2.55×10-6 J

द्रव्यमान 1g तथा आवेश 107 C की कोई गेंद किसी बिंदु A से, जिसका विभव 500 V है, किसी बिंदु B तक गति करती है जिसका विभव शून्य है। यदि A पर गेंद की चाल 0.51 m/s है, तो बिंदु B पर उसकी चाल होगी

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      qVA-VB =12m vB2-vA2or   10-7×500-0=12×10-3×vB2-0.512or    vB2 = 0.1 + 0.26 = 0.36    vB = 0.6 m/s

अभिकथन : किसी एकसमान विद्युत क्षेत्र में स्थित दो बिंदुओं के बीच विभवांतर शून्य के

  बराबर हो सकता है।

कारण : विद्युत क्षेत्र के अभिलंबवत रेखा के बिंदु समविभव रेखा हैं। 

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यदि विद्युत क्षेत्र की दिशा के अभिलंबवत किसी रेखा पर स्थित दो बिंदुओं को समविभव माना जाए तो इन दोनों बिंदुओं के बीच विभवांतर शून्य के बराबर होगा।

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Frequently Asked Questions

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