तापदीप्त बल्ब इस बात को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं कि ताप बढ़ने पर उनके तंतु का प्रतिरोध बढ़ता है। यदि कक्ष ताप पर 100w, 60w तथा 40w के बल्बों के तंतु प्रतिरोध क्रमशः $R_100 , R_60 and R_ 40$ हैं तो इन प्रतिरोधों के बीच संबंध है
किसी बल्ब की पावर रेटिंग P = V^2 / R द्वारा दी जाती है, जहाँ P पावर है, V वोल्टता है तथा R प्रतिरोध है। समान वोल्टता पर भिन्न वाटेज वाले बल्बों के लिए प्रतिरोध पावर रेटिंग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। अतः सबसे अधिक वाटेज वाले बल्ब का प्रतिरोध सबसे कम होगा। इस प्रकार R_100 < R_60 < R_40, जिसका अर्थ है 1/R_100 > 1/R_60 > 1/R_40।
