अपवर्तनांक के किसी पारदर्शी माध्यम में गमन करती प्रकाश की कोई किरण, माध्यम को वायु से पृथक करते किसी पृष्ठ पर 45 के आपतन कोण पर गिरती है। के निम्नलिखित में से किस मान के लिए किरण पूर्ण आंतरिक परावर्तन कर सकती है?
पूर्ण आंतरिक परावर्तन के लिए
i>c
भौतिक विज्ञान (Physics) के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।
अपवर्तनांक के किसी पारदर्शी माध्यम में गमन करती प्रकाश की कोई किरण, माध्यम को वायु से पृथक करते किसी पृष्ठ पर 45 के आपतन कोण पर गिरती है। के निम्नलिखित में से किस मान के लिए किरण पूर्ण आंतरिक परावर्तन कर सकती है?
पूर्ण आंतरिक परावर्तन के लिए
i>c
प्रकाश की कोई किरण किसी प्रिज़्म पर न्यूनतम विचलन स्थिति पर आपतित होती है। प्रिज़्म के प्रथम फलक (अर्थात्, आपतन फलक) पर अपवर्तन कोण है
प्रिज़्म का अपवर्तक कोण
न्यूनतम विचलन के लिए
कोई लड़का फोकस दूरी 10 cm के किसी समोत्तल लेंस का उपयोग करके कागज के एक टुकड़े पर सूर्य के प्रकाश को केंद्रित करके आग जलाने का प्रयास कर रहा है। सूर्य का व्यास 1.39 है तथा पृथ्वी से उसकी औसत दूरी है। कागज पर सूर्य के प्रतिबिंब का व्यास क्या है?
इस संबंध से
यंग के द्वि-झिरी प्रयोग में, झिरियाँ 0.4 mm दूर हैं तथा दो तरंगदैर्ध्यों = 600 nm तथा = 700nm के फोटॉनों से प्रदीप्त हैं। उभयनिष्ठ केंद्र से किस न्यूनतम दूरी पर, एक व्यतिकरण प्रतिरूप की दीप्त फ्रिंज दूसरे की दीप्त फ्रिंज से संपाती होती है? (दिया है कि झिरियों के तल से पर्दे की दूरी 80cm है।)
यंग का द्वि-झिरी प्रयोग पहले वायु में तथा फिर वायु के अतिरिक्त किसी माध्यम में किया जाता है। यह पाया जाता है कि माध्यम में 8वीं दीप्त फ्रिंज वहाँ स्थित है जहाँ वायु में 5वीं अदीप्त फ्रिंज स्थित है। माध्यम का अपवर्तनांक लगभग है
(d) प्रश्नानुसार, वायु में 5वीं फ्रिंज = माध्यम में 8वीं दीप्त फ्रिंज
माध्यम का अपवर्तनांक।
तीव्रता अनुपात n वाले दो कलासंबद्ध प्रकाश स्रोतों से व्यतिकरण प्रतिरूप प्राप्त किया जाता है। व्यतिकरण प्रतिरूप में, अनुपात होगा
(b) दिया गया है कि
तीव्रताओं का अनुपात इस प्रकार दिया जाता है
0.02 cm चौड़ाई वाला कोई रैखिक द्वारक फोकस दूरी 60 cm के किसी लेंस के ठीक सामने रखा गया है। द्वारक को तरंगदैर्ध्य cm के समांतर पुंज द्वारा अभिलंबवत प्रदीप्त किया जाता है। पर्दे के केंद्र से विवर्तन प्रतिरूप की प्रथम अदीप्त पट्टी की दूरी है
(d) प्रथम निम्निष्ठ इस दूरी पर बनता है
पर्दे के केंद्र से विवर्तन प्रतिरूप की प्रथम अदीप्त पट्टी की दूरी प्रथम निम्निष्ठ की स्थिति द्वारा दी जाती है।
अर्थात्
जहाँ, =समांतर पुंजों की तरंगदैर्ध्य
D= फोकस दूरी
a= रैखिक द्वारक की चौड़ाई।
दिया है
चौड़ाई a की किसी एकल झिरी के कारण विवर्तन प्रतिरूप में, प्रथम निम्निष्ठ कोण पर प्रेक्षित होता है जब झिरी पर तरंगदैर्ध्य 5000 का प्रकाश आपतित होता है। प्रथम द्वितीयक उच्चिष्ठ किस कोण पर प्रेक्षित होता है
(c) चूँकि चौड़ाई a की किसी एकल झिरी के कारण विवर्तन प्रतिरूप में प्रथम निम्निष्ठ के कोण पर प्रेक्षित होता है।
अर्थात्,
ब्रैग के विवर्तन नियम के अनुसार,
प्रथम द्वितीयक उच्चिष्ठ के लिए
समी. (i) से a का मान समी (ii) में रखने पर, हमें प्राप्त होता है
दो कलासंबद्ध प्रकाश स्रोत S1 तथा S2 (λ= 6000 Å) एक-दूसरे से 1mm दूर हैं। पर्दा स्रोतों से 25 cm की दूरी पर रखा गया है। पर्दे पर फ्रिंजों की चौड़ाई होनी चाहिए
.
Ready to ace NEET?
Free access · No credit card required
हाँ। इस पेज के हर Physics प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।
नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।
इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।