नाभिक का घनत्व (D) द्रव्यमान संख्या (A) से इस प्रकार संबंधित है
भौतिक विज्ञान (Physics) NEET प्रश्न हिंदी में — उत्तर सहित MCQ अभ्यास
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रेडियोऐक्टिव पदार्थ A का क्षय नियतांक 8 है तथा पदार्थ B का क्षय नियतांक है। प्रारंभ में, उनमें नाभिकों की संख्या समान है। कितने समय बाद, पदार्थ B के नाभिकों की संख्या तथा A के नाभिकों की संख्या का अनुपात होगा?
(b) माना A तथा B में नाभिकों की प्रारंभिक संख्या है
समय t के बाद A के नाभिकों की संख्या है
...(i)
इसी प्रकार, समय t के बाद A के नाभिकों की संख्या है
...(ii)
दिया गया है कि
अब, समी.(i) तथा (ii) से
पुनर्व्यवस्थित करने पर
अर्ध-आयु 1.4x109 वर्ष वाला कोई रेडियोसमस्थानिक X क्षय होकर Y बनाता है जो स्थायी है। किसी गुफा की चट्टान के नमूने में X तथा Y 1:7 के अनुपात में पाए गए। चट्टान की आयु है
X:Y का अनुपात दिया है=1:7
mx/my=1/7
=> 7mx/my
=> माना प्रारंभिक कुल द्रव्यमान m है।
=> mx+my=m => my/7+my=m
=> 8my/7=m
=> my=7/8m
केवल 1/8 भाग शेष रहता है
=> 1->1/2->1/4->1/8
T/2 T/2 T/2
अतः, 1/8 अस्थायी भाग बनने में लगा समय
=3 x T1/2 = 3 x 1.4 x 109 =4.2 x 109 वर्ष
यदि की नाभिकीय त्रिज्या 3.6 फर्मी है, तो की लगभग नाभिकीय त्रिज्या फर्मी में है
नाभिकीय त्रिज्या , जहाँ A द्रव्यमान संख्या है
r=
r=
के लिए
=1.2fm
=4.8 fm
विघटन का उपयोग करते
किसी रिएक्टर में प्राप्त शक्ति 1000 kW है। प्रति घंटा
की द्रव्यमान क्षति है
माना शक्ति P=1000 W
प्रति घंटा ऊर्जा= 1000 x 3600 J
प्रति विखंडन ऊर्जा=200 MeV
=
अतः, प्रति घंटा विखंडनों की संख्या
n=
प्रति घंटा मोलों की संख्या =
अतः, प्रति घंटा द्रव्यमान=
=
यह 40 माइक्रोन का निकटतम मान है
अतः विकल्प (b) सही है।
किसी रेडियोऐक्टिव समस्थानिक X की अर्ध-आयु 50 वर्ष है।
वह क्षय होकर एक अन्य तत्व Y बनाता है जो स्थायी है।
किसी दी गई चट्टान के नमूने में दोनों तत्व X तथा Y
1:15 के अनुपात में पाए गए।
चट्टान की आयु का अनुमान लगाया गया
हम जानते हैं कि
किसी दिए गए नमूने में दो रेडियोऐक्टिव नाभिक P तथा Q क्षय होकर एक स्थायी नाभिक R बनाते हैं। समय t=0 पर, P स्पीशीज़ की संख्या है तथा Q की संख्या है। P की अर्ध-आयु (R में परिवर्तन के लिए) 1 min है जबकि Q की 2 min है। प्रारंभ में नमूने में R के कोई नाभिक उपस्थित नहीं हैं। जब P तथा Q के नाभिकों की संख्या बराबर हो, तो नमूने में उपस्थित R के नाभिकों की संख्या होगी:
प्रारंभ में
अर्ध-आयु
माना समय t के बाद P तथा Q के नाभिकों की संख्या बराबर है अर्थात्,
t=4min
क्षयित नाभिक अथवा R के नाभिक
किसी रेडियोऐक्टिव नमूने की सक्रियता t=0 पर गणना प्रति मिनट तथा t=5 min पर गणना प्रति मिनट मापी जाती है। वह समय (मिनट में) जिस पर सक्रियता घटकर अपने मान की आधी हो जाती है, है
n अर्ध-आयुओं के बाद शेष भिन्न
दिया है
अथवा
दोनों पक्षों का लघुगणक लेने पर, हमें प्राप्त होता है
अब, माना वह समय है जिसके बाद सक्रियता घटकर आधी हो जाती है
किसी रेडियोऐक्टिव पदार्थ द्वारा उत्सर्जित बीटा कणों की संख्या उसके द्वारा उत्सर्जित अल्फा कणों की संख्या की दुगुनी है। परिणामी संतति है
माना रेडियोऐक्टिव पदार्थ है
रेडियोऐक्टिव संक्रमण इस प्रकार दिया जाता है
समान परमाणु संख्या परंतु भिन्न द्रव्यमान संख्या वाले तत्व के परमाणु समस्थानिक कहलाते हैं।
अतः तथा समस्थानिक हैं।
दो रेडियोऐक्टिव पदार्थ तथा के क्षय नियतांक क्रमशः तथा हैं। यदि प्रारंभ में उनमें नाभिकों की संख्या समान हो तो का से अनुपात किसी समय के बाद
यदि N किसी क्षण उपस्थित रेडियोऐक्टिव नाभिकों की संख्या है, तो
नियतांक t=0 पर रेडियोऐक्टिव नाभिकों की संख्या निरूपित करता है
अब,
अथवा
परंतु
अतः,
अथवा
अथवा
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