हाइड्रोजन के लिए सफल होने के बावजूद, बोर का मॉडल स्पेक्ट्रमी रेखाओं की सापेक्ष तीव्रताओं की व्याख्या करने में विफल रहा। यह क्या दर्शाता है?
NCERT पाठ में उल्लेख है: 'यद्यपि बोर का मॉडल हाइड्रोजन-सदृश परमाणुओं द्वारा उत्सर्जित प्रकाश की आवृत्तियों का सही पूर्वानुमान करता है, यह स्पेक्ट्रम में आवृत्तियों की सापेक्ष तीव्रताओं की व्याख्या करने में असमर्थ है... प्रायोगिक प्रेक्षण दर्शाते हैं कि कुछ संक्रमण दूसरों की अपेक्षा अधिक अनुकूल होते हैं।' भिन्न-भिन्न तीव्रताएँ संक्रमण की भिन्न-भिन्न प्रायिकताओं को दर्शाती हैं।