किसी पदार्थ की आपेक्षिक चुंबकशीलता ($\mu_r$) दी जाती है:
पाठ आपेक्षिक चुंबकशीलता को $\mu_r = 1 + \chi$ के रूप में परिभाषित करता है। यह एक विमाहीन राशि है।
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किसी पदार्थ की आपेक्षिक चुंबकशीलता ($\mu_r$) दी जाती है:
पाठ आपेक्षिक चुंबकशीलता को $\mu_r = 1 + \chi$ के रूप में परिभाषित करता है। यह एक विमाहीन राशि है।
किसी पदार्थ की चुंबकशीलता ($\mu$), मुक्त आकाश की चुंबकशीलता ($\mu_0$) और आपेक्षिक चुंबकशीलता ($\mu_r$) के बीच क्या संबंध है?
पाठ कहता है कि 'पदार्थ की चुंबकशीलता $\mu$ है और इसकी विमाएँ व मात्रक $\mu_0$ के समान हैं; $\mu = \mu_0 \mu_r = \mu_0 (1+\chi)$'।
अनुचुंबकीय पदार्थ के लिए चुंबकीय प्रवृत्ति ($\chi$) होती है:
पाठ उल्लेख करता है, 'χ उन पदार्थों के लिए छोटी और धनात्मक होती है जिन्हें अनुचुंबकीय कहते हैं।' यह अनुचुंबकीय पदार्थों के लिए स्पष्ट रूप से $\chi = +10^{-5}$ मान उद्धृत करता है।
समीकरण $B = \mu_0 (H + M)$ में पद $\mu_0 M$ दर्शाता है:
पाठ कहता है, 'यह अतिरिक्त क्षेत्र Bm पदार्थ के चुंबकन M के समानुपाती है और इसे Bm = $\mu_0 M$ के रूप में व्यक्त किया जाता है।' यह क्षेत्र Bm स्वयं पदार्थ के क्रोड का योगदान है।
निम्नलिखित में से कौन-सी भौतिक राशि विमाहीन है?
'विचारणीय बिंदु' की तालिका चुंबकीय प्रवृत्ति $\chi$ को स्पष्ट रूप से 'अदिश' के रूप में 'विमाएँ: -' और 'मात्रक: -' के साथ अंकित करती है, जो दर्शाता है कि यह विमाहीन है। पाठ यह भी कहता है कि '$\chi$, एक विमाहीन राशि'।
किसी नमूने के भीतर कुल चुंबकीय क्षेत्र B को दो भागों में बाँटा जाता है। एक भाग परिनालिका में धारा जैसे बाह्य कारकों के कारण है, जिसे H से दर्शाया जाता है। दूसरा भाग चुंबकीय पदार्थ की विशिष्ट प्रकृति के कारण है, अर्थात M। कौन-सा कथन सही ढंग से पहचानता है कि कौन-सा भाग बाह्य कारकों से प्रभावित होता है?
पाठ कहता है: 'हमने नमूने के भीतर कुल चुंबकीय क्षेत्र में योगदान को दो भागों में बाँटा है: एक, परिनालिका में धारा जैसे बाह्य कारकों के कारण। इसे H से दर्शाया जाता है। दूसरा चुंबकीय पदार्थ की विशिष्ट प्रकृति के कारण है, अर्थात M। बाद वाली राशि बाह्य कारकों से प्रभावित हो सकती है।' (M का संदर्भ)। H भी बाह्य कारकों के कारण है।
यदि किसी पदार्थ की आपेक्षिक चुंबकशीलता ($\mu_r$) 400 है, और उसे चुंबकीय तीव्रता H वाले क्षेत्र में रखा जाए, तो पदार्थ में कुल चुंबकीय क्षेत्र B की गणना की जा सकती है:
समीकरण (5.15) से, $B = \mu_0 \mu_r H$। दिया है $\mu_r = 400$, तो $B = \mu_0 (400) H = 400 \mu_0 H$। यह $\mu = \mu_0 \mu_r$ और $B = \mu H$ से भी व्युत्पन्न होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सी परस्पर संबंधित राशियाँ हैं जिनमें से केवल एक ज्ञात होने पर अन्य निर्धारित की जा सकती हैं?
पाठ स्पष्ट रूप से कहता है: 'तीन राशियाँ $\chi$, $\mu_r$ और $\mu$ परस्पर संबंधित हैं और इनमें से केवल एक स्वतंत्र है। एक दिए जाने पर अन्य दो आसानी से निर्धारित की जा सकती हैं।'
चुंबकीय एकध्रुवों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
NCERT पाठ के अनुसार, 'चुंबकीय एकध्रुव अस्तित्व में नहीं हैं। यदि आप चुंबक को आधा काटें, तो आपको दो छोटे चुंबक मिलते हैं।' साथ ही, 'विद्युत आवेशों के विपरीत, पृथक चुंबकीय उत्तर और दक्षिण ध्रुव, जिन्हें चुंबकीय एकध्रुव कहते हैं, अस्तित्व में नहीं हैं।' यह स्पष्ट रूप से कहता है कि चुंबकीय एकध्रुव प्रकृति में प्रेक्षित नहीं होते।
'स्थायी चुंबक' कहलाने वाले पदार्थों का निर्धारक लक्षण क्या है?
NCERT पाठ कहता है: 'जो पदार्थ कमरे के ताप पर लंबे समय तक अपना लौहचुंबकीय गुण बनाए रखते हैं, उन्हें स्थायी चुंबक कहते हैं।' यह उन्हें अन्य चुंबकीय पदार्थों से अलग करता है जिनके चुंबकीय गुण अस्थायी होते हैं।
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