एकल गोलीय पृष्ठ द्वारा प्रतिबिंब निर्माण के सूत्र $ \frac{n_2}{v} - \frac{n_1}{u} = \frac{n_2 - n_1}{R} $ की व्युत्पत्ति के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी मान्यता महत्वपूर्ण है?
NCERT पाठ कहता है, 'पहले की तरह, हम पृष्ठ के द्वारक (या पार्श्व आकार) को अन्य सम्मिलित दूरियों की तुलना में छोटा लेते हैं, ताकि लघु कोण सन्निकटन किया जा सके। विशेष रूप से, NM को बिंदु N से मुख्य अक्ष पर लंब की लंबाई के लगभग बराबर लिया जाएगा।' यह छोटे द्वारक/लघु कोण सन्निकटन (जिसे उपाक्षीय सन्निकटन भी कहते हैं) त्रिकोणमितीय संबंधों (जैसे $\sin \theta \approx \theta$ और $\tan \theta \approx \theta$) को सरल बनाकर प्रतिबिंब निर्माण का रैखिक सूत्र व्युत्पन्न करने के लिए मूलभूत है।