भौतिक विज्ञान (Physics) NEET प्रश्न हिंदी में — उत्तर सहित MCQ अभ्यास

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जिस सेल के लिए विभवांतर $V = e + Ir$ सत्य है, उसके टर्मिनलों के सापेक्ष सेल में बहने वाली धारा $I$ को सामान्यतः कैसे माना जाता है?

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संदर्भ उल्लेख करता है, 'यदि सेल में धारा I अंकित करते समय P से N की ओर जाया जाए, तो निश्चय ही V = e + I r (3.60)'। इसका अर्थ है कि जब धारा सेल के भीतर P से N की ओर बहती है, तो टर्मिनल वोल्टता $e+Ir$ होती है।

किरखोफ के नियमों से परिपथ का विश्लेषण करते समय, प्रत्येक प्रतिरोधक के लिए उल्लिखित प्रारंभिक चरण क्या है?

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पाठ कहता है: 'कोई परिपथ दिए जाने पर, हम प्रत्येक प्रतिरोधक में धाराओं को एक प्रतीक, मान लीजिए I, और एक दिशायुक्त तीर से अंकित करके शुरू करते हैं, जो यह दर्शाता है कि प्रतिरोधक में इंगित दिशा में धारा I बहती है।'

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन लेंज के नियम के पीछे के मूलभूत सिद्धांत का सही वर्णन करता है?

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लेंज का नियम ऊर्जा संरक्षण के नियम का परिणाम है। प्रेरित धारा की दिशा ऐसी होती है कि वह चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन का विरोध करती है, अतः परिवर्तन बनाए रखने के लिए बाहरी कार्य आवश्यक होता है, जो फिर ऊष्मा के रूप में क्षयित होता है। यदि वह परिवर्तन में सहायता करती, तो स्वतः ऊर्जा उत्पन्न होती, जो ऊर्जा संरक्षण का उल्लंघन है। (NCERT पाठ देखें: 'यह ऊर्जा संरक्षण के नियम का उल्लंघन करता है और इसलिए नहीं हो सकता।')

जब किसी छड़ चुंबक का उत्तरी ध्रुव बंद कुंडली की ओर धकेला जाता है, तो कुंडली से गुजरने वाला चुंबकीय फ्लक्स बढ़ता है। लेंज के नियम के अनुसार, चुंबक की ओर से देखने पर कुंडली में प्रेरित धारा की दिशा क्या होगी?

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जैसे-जैसे उत्तरी ध्रुव निकट आता है, चुंबकीय फ्लक्स बढ़ता है। इस वृद्धि का विरोध करने के लिए प्रेरित धारा ऐसा चुंबकीय क्षेत्र बनाती है जिसका उत्तरी ध्रुव आते हुए चुंबक की ओर होता है, जिससे प्रतिकर्षण बल उत्पन्न होता है। दाएँ हाथ के अंगूठे के नियम से, यह चुंबक की ओर से देखने पर वामावर्त धारा के संगत है। (NCERT पाठ देखें: 'जैसे-जैसे छड़ चुंबक का उत्तरी ध्रुव कुंडली की ओर बढ़ता है, कुंडली से गुजरने वाला चुंबकीय फ्लक्स बढ़ता है। अतः कुंडली में ऐसी दिशा में धारा प्रेरित होती है कि वह फ्लक्स की वृद्धि का विरोध करे। यह तभी संभव है जब चुंबक की ओर स्थित प्रेक्षक के सापेक्ष कुंडली में धारा वामावर्त दिशा में हो।')

यदि किसी चुंबक का उत्तरी ध्रुव कुंडली से दूर खींचा जा रहा हो, तो लेंज के नियम के अनुसार चुंबक और कुंडली के बीच बल की प्रकृति क्या होगी?

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जब चुंबक का उत्तरी ध्रुव दूर खींचा जाता है, तो कुंडली से गुजरने वाला चुंबकीय फ्लक्स घटता है। इस कमी का विरोध करने के लिए प्रेरित धारा ऐसा चुंबकीय क्षेत्र बनाती है जिसका दक्षिणी ध्रुव दूर जाते चुंबक के उत्तरी ध्रुव की ओर होता है, जिससे आकर्षण बल उत्पन्न होता है जो चुंबक को दूर जाने से रोकने का प्रयास करता है। (NCERT पाठ देखें: 'इसी प्रकार, यदि चुंबक का उत्तरी ध्रुव कुंडली से दूर खींचा जा रहा हो, तो कुंडली से गुजरने वाला चुंबकीय फ्लक्स घटेगा। चुंबकीय फ्लक्स की इस कमी का प्रतिकार करने के लिए कुंडली में प्रेरित धारा दक्षिणावर्त दिशा में बहती है और उसका दक्षिणी ध्रुव छड़ चुंबक के दूर जाते उत्तरी ध्रुव की ओर होता है। इससे आकर्षण बल उत्पन्न होगा जो चुंबक की गति और फ्लक्स में संगत कमी का विरोध करता है।')

एक पाश एकसमान चुंबकीय क्षेत्र के क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है, जो पाश के तल के लंबवत और पाठक से दूर की ओर निर्देशित है। यदि पाश से गुजरने वाला चुंबकीय फ्लक्स बढ़ रहा है, तो प्रेरित धारा किस दिशा में बहेगी?

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यदि चुंबकीय क्षेत्र पाठक से दूर की ओर निर्देशित है और फ्लक्स बढ़ रहा है, तो इस वृद्धि का विरोध करने के लिए प्रेरित धारा को पाठक की ओर निर्देशित (मूल बढ़ते क्षेत्र के विपरीत) चुंबकीय क्षेत्र बनाना होगा। दाएँ हाथ के अंगूठे के नियम से, वामावर्त धारा पाठक की ओर निर्देशित चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है। (NCERT पाठ का उदाहरण 6.4 (i) इस सिद्धांत को विपरीत रूप में दर्शाता है, जहाँ फ्लक्स बढ़ता है, अतः विरोध के लिए धारा दक्षिणावर्त होती है, पाठक की ओर क्षेत्र बनाकर। यदि क्षेत्र पृष्ठ के भीतर की ओर हो और बढ़ रहा हो, तो प्रेरित धारा पृष्ठ से बाहर आता क्षेत्र बनाने का प्रयास करेगी, जो वामावर्त है।) आइए पुनर्मूल्यांकन करें: 'चुंबकीय क्षेत्र के क्षेत्र में पाश की गति के कारण आयताकार पाश abcd से गुजरने वाला चुंबकीय फ्लक्स बढ़ता है। प्रेरित धारा को पथ bcdab के अनुदिश बहना चाहिए ताकि वह बढ़ते फ्लक्स का विरोध करे।' 'पाठक से दूर' (पृष्ठ के भीतर) निर्देशित बढ़ते क्षेत्र के लिए, प्रेरित धारा को 'पाठक की ओर' (पृष्ठ से बाहर) क्षेत्र बनाना होगा। यह वामावर्त धारा से प्राप्त होता है।

यदि प्रेरित धारा ऐसी दिशा में होती जो उसे उत्पन्न करने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन का समर्थन करती, तो क्या होता?

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यदि प्रेरित धारा परिवर्तन का समर्थन करती, तो तंत्र बिना बाहरी ऊर्जा निवेश के निरंतर त्वरित होता रहता, जिससे एक सतत-गति मशीन बन जाती। यह ऊर्जा संरक्षण के नियम का उल्लंघन है। (NCERT पाठ देखें: 'चुंबक को हल्का-सा धक्का प्रक्रिया शुरू कर देगा और उसका वेग तथा गतिज ऊर्जा बिना कोई ऊर्जा व्यय किए निरंतर बढ़ती रहेगी। यदि ऐसा हो सकता, तो उपयुक्त व्यवस्था से एक सतत-गति मशीन बनाई जा सकती थी। यह ऊर्जा संरक्षण के नियम का उल्लंघन करता है और इसलिए नहीं हो सकता।')

जब कोई व्यक्ति चुंबक को कुंडली की ओर ले जाता है, तो प्रतिकर्षण बल के विरुद्ध कार्य किया जाता है। यह ऊर्जा कहाँ जाती है?

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चुंबक को ले जाने में व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित होता है, जो फिर प्रेरित धारा के कारण कुंडली में ऊष्मा (जूल तापन) के रूप में क्षयित होती है। यह ऊर्जा संरक्षण सुनिश्चित करता है। (NCERT पाठ देखें: 'यह ऊर्जा प्रेरित धारा द्वारा उत्पन्न जूल तापन से क्षयित होती है।')

जब छड़ चुंबक को बंद कुंडली की ओर धकेला जा रहा हो, तो प्रेरित धारा प्रतिकर्षण बल उत्पन्न करती है। इसका अर्थ है कि चुंबक को धकेलने में प्रयुक्त यांत्रिक ऊर्जा रूपांतरित होती है:

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प्रतिकर्षण बल के विरुद्ध चुंबक को ले जाने में किया गया यांत्रिक कार्य प्रेरित धारा के रूप में विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित होता है, जो फिर कुंडली के प्रतिरोध के कारण ऊष्मा (जूल तापन) के रूप में क्षयित होती है। (NCERT पाठ देखें: 'अतः चुंबक को ले जाने में व्यक्ति को कार्य करना पड़ता है। व्यक्ति द्वारा व्यय की गई ऊर्जा कहाँ जाती है? यह ऊर्जा प्रेरित धारा द्वारा उत्पन्न जूल तापन से क्षयित होती है।')

लेंज का नियम प्रेरित EMF की ध्रुवता देता है। फैराडे के नियम ($$\varepsilon = -\frac{d\Phi_B}{dt}$$) में ऋणात्मक चिह्न क्या दर्शाता है?

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फैराडे के प्रेरण नियम में ऋणात्मक चिह्न ठीक-ठीक लेंज के नियम का गणितीय निरूपण है, जो दर्शाता है कि प्रेरित EMF (और इस प्रकार धारा) उसे उत्पन्न करने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन का विरोध करती है। (NCERT पाठ देखें: 'फैराडे के नियम के व्यंजक में ऋणात्मक चिह्न इसी तथ्य को दर्शाता है।' और 'समीकरण (6.3) में दर्शाया गया ऋणात्मक चिह्न इसी प्रभाव को निरूपित करता है।')

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