जिस सेल के लिए विभवांतर $V = e + Ir$ सत्य है, उसके टर्मिनलों के सापेक्ष सेल में बहने वाली धारा $I$ को सामान्यतः कैसे माना जाता है?
संदर्भ उल्लेख करता है, 'यदि सेल में धारा I अंकित करते समय P से N की ओर जाया जाए, तो निश्चय ही V = e + I r (3.60)'। इसका अर्थ है कि जब धारा सेल के भीतर P से N की ओर बहती है, तो टर्मिनल वोल्टता $e+Ir$ होती है।