जब कोई स्पंद परावर्तित होता है तो खुली परिसीमा पर नेट अधिकतम विस्थापन क्या होता है, ऊर्जा क्षय न मानते हुए?
खुली परिसीमा के लिए पाठ कहता है, 'परावर्तित स्पंद की कला और आयाम (ऊर्जा क्षय न मानते हुए) आपतित स्पंद के समान होते हैं। तब परिसीमा पर नेट अधिकतम विस्थापन प्रत्येक स्पंद के आयाम का दोगुना होता है।'