भौतिक विज्ञान (Physics) NEET प्रश्न हिंदी में — उत्तर सहित MCQ अभ्यास

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मैक्सवेल के समीकरण, लोरेंज़ बल सूत्र के साथ मिलकर, गणितीय रूप से किसके सभी मूलभूत नियमों को व्यक्त करते हैं:

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मैक्सवेल ने विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों तथा उनके स्रोतों, आवेश और धारा घनत्वों, से संबंधित समीकरणों का एक समुच्चय प्रतिपादित किया। ये समीकरण मैक्सवेल के समीकरण कहलाते हैं। लोरेंज़ बल सूत्र (अध्याय 4) के साथ मिलकर ये विद्युत चुंबकत्व के सभी मूलभूत नियमों को गणितीय रूप से व्यक्त करते हैं। (संदर्भ: 'मैक्सवेल ने विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों तथा उनके स्रोतों, आवेश और धारा घनत्वों, से संबंधित समीकरणों का एक समुच्चय प्रतिपादित किया... लोरेंज़ बल सूत्र (अध्याय 4) के साथ मिलकर ये विद्युत चुंबकत्व के सभी मूलभूत नियमों को गणितीय रूप से व्यक्त करते हैं।')

हर्ट्ज़ ने प्रयोगात्मक रूप से विद्युत चुंबकीय तरंगों के अस्तित्व का प्रदर्शन किस वर्ष किया:

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कुछ मीटर की कोटि की तरंगदैर्ध्य वाली विद्युत चुंबकीय तरंगें सर्वप्रथम 1887 में हर्ट्ज़ द्वारा प्रयोगशाला में उत्पन्न और संसूचित की गईं। इस प्रकार उन्होंने मैक्सवेल के समीकरणों की एक मूलभूत भविष्यवाणी को सत्यापित किया। (संदर्भ: 'कुछ मीटर की कोटि की तरंगदैर्ध्य वाली विद्युत चुंबकीय तरंगें सर्वप्रथम 1887 में हर्ट्ज़ द्वारा प्रयोगशाला में उत्पन्न और संसूचित की गईं।')

विद्युत चुंबकीय तरंगों के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

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विद्युत चुंबकीय तरंगें विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों के स्व-पोषित दोलन हैं। उन्हें द्रव्यात्मक माध्यम की आवश्यकता नहीं होती और वे निर्वात में भी संचरित होती हैं; वे अनुप्रस्थ तरंगें हैं। विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र दिक् और काल में ज्यावक्रीय रूप से दोलन करते हैं, एक-दूसरे के लंबवत होते हैं और संचरण की दिशा के भी लंबवत होते हैं। (संदर्भ: 'वे मुक्त आकाश, या निर्वात, में विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों के स्व-पोषित दोलन हैं। वे अब तक अध्ययन की गई अन्य सभी तरंगों से इस अर्थ में भिन्न हैं कि इनमें कोई द्रव्यात्मक माध्यम सम्मिलित नहीं है... दोलायमान विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र... एक-दूसरे के और विद्युत चुंबकीय तरंग के संचरण की दिशा के लंबवत होते हैं।')

जब कोई विद्युत चुंबकीय तरंग किसी दोलायमान आवेश द्वारा उत्पन्न होती है, तो उसकी आवृत्ति का क्या होता है?

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एक दोलायमान आवेश एक दोलायमान विद्युत क्षेत्र उत्पन्न करता है, जिससे विद्युत चुंबकीय तरंग बनती है। विद्युत चुंबकीय तरंग की आवृत्ति स्वाभाविक रूप से आवेश की दोलन आवृत्ति के बराबर होती है। (संदर्भ: 'विद्युत चुंबकीय तरंग की आवृत्ति स्वाभाविक रूप से आवेश की दोलन आवृत्ति के बराबर होती है।')

किसी आवेश की उसमें स्थितिज ऊर्जा पर विचार करते समय बाह्य विद्युत क्षेत्र की परिभाषक विशेषता क्या है?

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NCERT पाठ के अनुसार, 'बाह्य क्षेत्र E उन दिए गए आवेश(ों) द्वारा उत्पन्न नहीं होता जिनकी स्थितिज ऊर्जा हम परिकलित करना चाहते हैं। E दिए गए आवेश(ों) के बाह्य स्रोतों द्वारा उत्पन्न होता है।' (खंड 2.8.1)।

बाह्य विद्युत क्षेत्र में बिंदु 'r' पर एकल आवेश 'q' की स्थितिज ऊर्जा किसके द्वारा दी जाती है:

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NCERT कहता है, 'बाह्य क्षेत्र में r पर q की स्थितिज ऊर्जा = qV(r), जहाँ V(r) बिंदु r पर बाह्य विभव है।' (समीकरण 2.27 और साथ का पाठ)।

विद्युत क्षेत्र उत्पन्न करने वाले बाह्य स्रोतों पर आवेश 'q' के प्रभाव के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

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दिए गए पाठ में उल्लेख है, 'हम मानते हैं कि आवेश q बाह्य क्षेत्र उत्पन्न करने वाले स्रोतों को महत्त्वपूर्ण रूप से प्रभावित नहीं करता। यह तब सत्य है जब q बहुत छोटा हो, या बाह्य स्रोत अन्य अनिर्दिष्ट बलों द्वारा स्थिर रखे गए हों।' (खंड 2.8)।

यदि आवेश $q = e = 1.6 \times 10^{-19} C$ वाला एक इलेक्ट्रॉन 1 वोल्ट के विभवांतर द्वारा त्वरित किया जाए, तो प्राप्त ऊर्जा जूल में क्या है?

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NCERT कहता है, 'यदि आवेश $q = e = 1.6 \times 10^{-19} C$ वाला इलेक्ट्रॉन $\Delta V = 1$ वोल्ट के विभवांतर द्वारा त्वरित किया जाए, तो वह $q\Delta V = 1.6 \times 10^{-19} J$ ऊर्जा प्राप्त करेगा।' (खंड 2.8.1)।

1 MeV का जूल में तुल्य ऊर्जा मान क्या है?

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NCERT ऊर्जा मात्रक निर्दिष्ट करता है: '1 MeV = $10^6 eV = 1.6 \times 10^{-13} J$।' (खंड 2.8.1)।

दो आवेशों $q_1$ और $q_2$ के निकाय के लिए, जो क्रमशः $r_1$ और $r_2$ पर स्थित हैं, बाह्य क्षेत्र $V(r)$ में निकाय की कुल स्थितिज ऊर्जा किसके द्वारा दी जाती है:

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निकाय की कुल स्थितिज ऊर्जा प्रत्येक आवेश को बाह्य क्षेत्र में लाने में किए गए कार्य और दूसरे आवेश के क्षेत्र के विरुद्ध किए गए कार्य का योग है। NCERT कहता है, 'निकाय की स्थितिज ऊर्जा = विन्यास को व्यवस्थित करने में किया गया कुल कार्य $= q_1V(r_1) + q_2V(r_2) + \frac{1}{4\pi\epsilon_0} \frac{q_1q_2}{r_{12}}$' (समीकरण 2.29)।

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