जब परावैद्युत पट्टिका को एकसमान बाह्य विद्युत क्षेत्र में रखा जाता है, तो क्षेत्र के लंबवत उसकी सतहों पर प्रेक्षित नेट आवेश होते हैं:
NCERT समझाता है: 'तथापि, विद्युत क्षेत्र के लंबवत परावैद्युत की सतहों पर स्पष्टतः एक नेट आवेश घनत्व होता है... असंतुलित आवेश बाह्य क्षेत्र के कारण प्रेरित आवेश हैं। इस प्रकार ध्रुवित परावैद्युत प्रेरित पृष्ठ आवेश घनत्व वाली दो आवेशित सतहों के तुल्य है... हमें ध्यान रखना चाहिए कि पृष्ठ आवेश घनत्व $\pm \sigma_p$ परावैद्युत में बद्ध (मुक्त नहीं) आवेशों से उत्पन्न होता है।'