p-n संधि में 'ह्रासी क्षेत्र' पद उस क्षेत्र को संदर्भित करता है जहाँ:
NCERT समझाता है, 'संधि के दोनों ओर का यह आकाश-आवेश क्षेत्र मिलकर ह्रासी क्षेत्र कहलाता है क्योंकि संधि के आर-पार प्रारंभिक गति में भाग लेने वाले इलेक्ट्रॉनों और विवरों ने क्षेत्र को उसके मुक्त आवेशों से रहित कर दिया।'