जब कोई तरंग सघन माध्यम में अपवर्तित होती है तो तरंगदैर्ध्य और संचरण चाल का क्या होता है?
NCERT पाठ कहता है, 'उपर्युक्त समीकरण का अर्थ है कि जब कोई तरंग सघन माध्यम ($v_1 > v_2$) में अपवर्तित होती है तो तरंगदैर्ध्य और संचरण चाल घटती हैं किंतु आवृत्ति $\nu$ (= v/$\lambda$) वही रहती है।' यह प्रासंगिक है क्योंकि क्रांतिक कोण तक पहुँचने से पहले पूर्ण आंतरिक परावर्तन में अपवर्तन के सिद्धांत शामिल होते हैं।