Atoms NEET प्रश्न हिंदी में — भौतिक विज्ञान (Physics) MCQ उत्तर सहित

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मूल अवस्था में किसी हाइड्रोजन परमाणु की ऊर्जा -13.6 eV है। प्रथम उत्तेजित अवस्था में किसी He+ आयन की ऊर्जा होगी 

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मुख्य क्वांटम संख्या n वाले किसी परमाणु की ऊर्जा E इस प्रकार दी जाती है E=-13.6n2Z2 प्रथम उत्तेजित अवस्था के लिए n=2 तथा He+ Z=2 के लिए

⇒           E=-13.6×2222

  =-13.6 eV

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ऊर्जा 12mv2 का कोई अल्फा नाभिक आवेश Ze के किसी भारी नाभिकीय लक्ष्य पर बमबारी करता है। तो अल्फा नाभिक के लिए निकटतम पहुँच की दूरी किसके अनुक्रमानुपाती होगी

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द्रव्यमान m का कोई α‐कण प्रारंभिक वेग v रखता है, जब वह परमाणु संख्या Z वाले किसी परमाणु के नाभिक से बहुत दूर होता है। निकटतम पहुँच की दूरी पर, α‐कण की गतिज ऊर्जा पूर्णतः स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है। गणितीय रूप से,

  12mv2=14πε02eZer0

  r0=14πε02Ze212mv2

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किसी रदरफोर्ड प्रकीर्णन प्रयोग में जब आवेश Z1 तथा द्रव्यमान M1 का कोई प्रक्षेप्य आवेश Z2 तथा द्रव्यमान M2, के किसी लक्ष्य नाभिक के निकट पहुँचता है तो निकटतम पहुँच की दूरी r0 है। प्रक्षेप्य की ऊर्जा है 

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द्रव्यमान M1 तथा आवेश z1 का कोई कण प्रारंभिक वेग u रखता है, जब वह परमाणु संख्या z2 वाले किसी परमाणु के नाभिक से बहुत दूर होता है। निकटतम पहुँच की दूरी पर, कण की गतिज ऊर्जा पूर्णतः स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है। गणितीय रूप से, 

  12M1u2=14πε0z1z2r0

अतः कण की ऊर्जा z1z2 के अनुक्रमानुपाती है।

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मूल अवस्था में हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन की आयनन ऊर्जा 13.6 eV है। परमाणु 6 तरंगदैर्ध्यों का विकिरण उत्सर्जित करने के लिए उच्च ऊर्जा स्तरों तक उत्तेजित किए जाते हैं। उत्सर्जित विकिरण की अधिकतम तरंगदैर्ध्य किस संक्रमण के संगत है

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इलेक्ट्रॉन के nth कक्षा से निम्न कक्षा में संक्रमण के कारण प्राप्त वर्णक्रमी रेखाओं की संख्या है 

N = nn-12 तथा अधिकतम तरंगदैर्ध्य के लिए श्रेणी की कक्षाओं के बीच अंतर न्यूनतम होना चाहिए।

वर्णक्रमी रेखाओं की संख्या N = nn-12

⇒              nn-12=6

अथवा  n2-n-12=0

अथवा  n-4n+3=0

अथवा  n=4

अब चूँकि श्रेणी की प्रथम रेखा की तरंगदैर्ध्य अधिकतम होती है, अतः इलेक्ट्रॉन 4th कक्षा से तीसरी कक्षा में कूदता है।

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हाइड्रोजन परमाणु की मूल अवस्था ऊर्जा -13.6 eV है। जब उसका इलेक्ट्रॉन प्रथम उत्तेजित अवस्था में होता है, तो उसकी उत्तेजन ऊर्जा है:

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उत्तेजन ऊर्जा वह ऊर्जा है जो इलेक्ट्रॉन को मूल स्तर की कक्षा से किसी उच्च कोटि की कक्षा (अर्थात्, n= 2, 3, 4...) तक ले जाने के लिए आवश्यक होती है

दिया है, हाइड्रोजन परमाणु की मूल अवस्था ऊर्जा 

  E1=-13.6 eV

प्रथम उत्तेजित अवस्था (अर्थात्, n=2) में इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा

  E2=-13.622eV

अतः, उत्तेजन ऊर्जा

  ∆E=E2-E1

  =-13.64--13.6

  =-3.4+13.6=10.2eV

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तरंगदैर्ध्य 5000 Å के प्रकाश के किसी फोटॉन की ऊर्जा लगभग 2.5 eV है। इस प्रकार तरंगदैर्ध्य 1Å के किसी X-किरण फोटॉन की ऊर्जा होगी 

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(c) E∝1λ⇒2.5E'=15000⇒E'=2.5×5000 eV

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लाइमन श्रेणी की प्रथम रेखा की तरंगदैर्ध्य λ है। बामर श्रेणी की प्रथम रेखा की तरंगदैर्ध्य है

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(d) लाइमन श्रेणी की प्रथम रेखा के लिए λL1=43R  ..... (i)
बामर श्रेणी की प्रथम रेखा के लिए λB1=365R  ..... (ii)
समीकरण (i) तथा (ii) से

λB1λL1=275⇒λB1=275λL1⇒λB1=275λ

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हाइड्रोजन (H), ड्यूटीरियम (D), एकल आयनित हीलियम तथा द्विआयनित लिथियम सभी के नाभिक के चारों ओर एक इलेक्ट्रॉन है। n =2 से n = 1 संक्रमण पर विचार कीजिए। उत्सर्जित विकिरणों की तरंगदैर्ध्य क्रमशः λ1,λ2,λ3 तथा λ4 हैं। तो लगभग 

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(a) ∆E∝Z2 का उपयोग करने पर  (∴ n1 तथा n2 समान हैं)

⇒hcλ∝Z2⇒λZ2= constant

⇒λ1Z12=λ2Z22=λ3Z32=λ4Z42

⇒λ1×1=λ2×12=λ3×22=λ4×33⇒λ1=λ2=4λ3=9λ4

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किसी प्रोटॉन तथा इलेक्ट्रॉन के बीच विद्युत विभव V=V0lnrr0 द्वारा दिया जाता है जहाँ r0 एक नियतांक है। बोर के मॉडल को लागू मानते हुए, rn का n के साथ परिवर्तन लिखिए, जहाँ n मुख्य क्वांटम संख्या है

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(a) स्थितिज ऊर्जा U=eV=eV0lnrr0 
∴ बल F=-dUdr=eV0r .
∴ यह बल आवश्यक अभिकेंद्री बल प्रदान करेगा। अतः mv2r=eV0r⇒v=eV0m …..(i)
तथा mvr=nh2π  …..(ii)
समीकरण (i) तथा (ii) से mr=nh2πmeV0  अथवा r ∝ n

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निम्नलिखित में से किस परिघटना की व्याख्या बोर के परमाणु मॉडल द्वारा नहीं की जा सकी?

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NCERT पाठ के अनुसार: 'बोर का मॉडल चुंबकीय क्षेत्र (ज़ीमान प्रभाव) या विद्युत क्षेत्र (स्टार्क प्रभाव) की उपस्थिति में स्पेक्ट्रमी रेखाओं के विपाटन की व्याख्या करने में भी असमर्थ था।' विकल्प 1, 2 और 4 ऐसी परिघटनाएँ हैं जिनकी व्याख्या बोर के मॉडल ने हाइड्रोजन-सदृश परमाणुओं के लिए सफलतापूर्वक की।

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Frequently Asked Questions

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