कोई 200W सोडियम स्ट्रीट लैंप तरंगदैर्ध्य का पीला प्रकाश उत्सर्जित करता है। यह मानते हुए कि वह विद्युत ऊर्जा को प्रकाश में परिवर्तित करने में 25% दक्ष है, वह प्रति सेकंड जितने पीले प्रकाश के फोटॉन उत्सर्जित करता है उनकी संख्या है
दक्ष शक्ति P =
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कोई 200W सोडियम स्ट्रीट लैंप तरंगदैर्ध्य का पीला प्रकाश उत्सर्जित करता है। यह मानते हुए कि वह विद्युत ऊर्जा को प्रकाश में परिवर्तित करने में 25% दक्ष है, वह प्रति सेकंड जितने पीले प्रकाश के फोटॉन उत्सर्जित करता है उनकी संख्या है
दक्ष शक्ति P =
कोई कण 0.25 के चुंबकीय क्षेत्र की उपस्थिति में त्रिज्या 0.83 cm के वृत्ताकार पथ में गति करता है। कण से संबद्ध डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य होगी
हम जानते हैं
तथा
यदि किसी इलेक्ट्रॉन का संवेग
p से बदला जाए, तो उससे संबद्ध डी-ब्रॉग्ली
तरंगदैर्ध्य 0.5% बदल जाती है।
इलेक्ट्रॉन का प्रारंभिक संवेग होगा
डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य
यहाँ
द्रव्यमान M का कोई रेडियोऐक्टिव नाभिक आवृत्ति
का एक फोटॉन उत्सर्जित करता है तथा नाभिक प्रतिक्षिप्त होता है।
प्रतिक्षेप ऊर्जा होगी:
फोटॉन का संवेग
अतः, प्रतिक्षेप ऊर्जा
अथवा
कार्य फलन 1.8 eV वाली किसी धातु से प्रकाशविद्युत
उत्सर्जन प्रक्रिया में, सर्वाधिक ऊर्जावान इलेक्ट्रॉनों
की गतिज ऊर्जा 0.5 eV है। संगत
निरोधी विभव है
निरोधी विभव= अधिकतम गतिज ऊर्जा
eV=
अतः, विकल्प (b) सही है।
दो भिन्न आवृत्तियों का प्रकाश जिनके
फोटॉनों की ऊर्जाएँ क्रमशः 1 eV तथा 2.5 eV
हैं, किसी धात्विक पृष्ठ को
जिसका कार्य फलन 0.5 eV है, क्रमशः प्रदीप्त करता है।
उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम चालों
का अनुपात होगा
गतिज ऊर्जा
KE=
यहाँ,
अतः,
अथवा
अथवा
किसी इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी में प्रयुक्त इलेक्ट्रॉन 25 kV की वोल्टता द्वारा त्वरित किए जाते हैं। यदि वोल्टता बढ़ाकर 100 kV कर दी जाए तो इलेक्ट्रॉनों से संबद्ध डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य
हमारे पास है
अतः,
कार्य फलन 5.01 eV वाले किसी निकल पृष्ठ द्वारा उत्सर्जित तीव्रतम प्रकाशइलेक्ट्रॉनों को रोकने के लिए आरोपित किया जाने वाला विभवांतर, जब उस पर 200nm का पराबैंगनी प्रकाश गिरता है, होना चाहिए:
आपतित प्रकाश की ऊर्जा E(eV)=
=6.2eV (200 nm= 2000)
इस संबंध के अनुसार E= + e
=
=
=1.2 V
निरोधी विभव ऋणात्मक है, अतः उत्तर -1.2 V है
तरंगदैर्ध्य 667 nm का एकवर्णी प्रकाश किसी हीलियम नियॉन लेज़र द्वारा उत्पन्न किया जाता है। उत्सर्जित शक्ति 9mW है। इस पुंज द्वारा विकिरित किसी लक्ष्य पर औसतन प्रति सेकंड पहुँचने वाले फोटॉनों की संख्या है
यहाँ
शक्ति=
=
=
जहाँ N प्रति सेकंड उत्सर्जित फोटॉनों की संख्या है।
=
=
किसी प्रकाशसंवेदी पदार्थ के पृष्ठ का कार्य फलन 6.2 eV है। आपतित विकिरण की वह तरंगदैर्ध्य जिसके लिए निरोधी विभव 5V है, स्थित है
प्रकाशविद्युत प्रभाव के नियमों के अनुसार
जहाँ कार्य फलन है तथा प्रकाशइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा है।
अथवा
अतः, विकिरण पराबैंगनी क्षेत्र में स्थित है।
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