Gravitation NEET प्रश्न हिंदी में — भौतिक विज्ञान (Physics) MCQ उत्तर सहित

Gravitation (Physics) के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

सभी Physics Chemistry Botany Zoology
भाषा English हिंदी
Clear Register free for difficulty & keyword filters

यदि किसी छोटे ग्रह का घनत्व पृथ्वी के घनत्व के समान है जबकि ग्रह की त्रिज्या पृथ्वी की त्रिज्या की 0.2 गुना है, तो ग्रह की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण है ...............

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

$ g = { 4 \over 3 } \pi GR \rho \, and, g' = {4 \over 3 } \pi GR' \rho $ $ \therefore { g' \over g } = {R' \over R } = 0.2 \Rightarrow g' = 0.2 g $

माना g पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण है तथा k पृथ्वी की घूर्णी गतिज ऊर्जा है। मान लीजिए पृथ्वी की त्रिज्या 2% घट जाती है तथा अन्य सभी राशियाँ समान रहती हैं, तो

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

$ g = { GM \over R^2 } $ तथा $ k = { L^2 \over 2I } $ यदि पृथ्वी का द्रव्यमान तथा उसका कोणीय संवेग नियत रहता है तो$ g \alpha { 1 \over R^2 } and \;k \alpha { 1 \over R^2 } $ अर्थात् यदि पृथ्वी की त्रिज्या 2% घटती है तो g तथा k दोनों 4% बढ़ जाते हैं

किसी वस्तु का भार अधिकतम होता है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.

यदि पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण 'g' का मान $10ms^{–2}$ है। तो पृथ्वी के केंद्र पर, जिसे त्रिज्या 'R' मीटर तथा एकसमान घनत्व का गोला माना गया है, $ms^{–2}$ में उसका मान है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

पृथ्वी के केंद्र पर गुरुत्वीय त्वरण (g) का मान शून्य होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पृथ्वी के द्रव्यमान द्वारा सभी दिशाओं में लगाए गए गुरुत्वीय बल संतुलित हो जाते हैं, जिससे कोई नेट गुरुत्वीय बल नहीं रहता। अतः केंद्र पर गुरुत्व के कारण त्वरण शून्य है।

किसी गोलीय ग्रह का द्रव्यमान Mp तथा व्यास Dp है। इस ग्रह की सतह के निकट मुक्त रूप से गिरता हुआ द्रव्यमान m का कण गुरुत्व के कारण जो त्वरण अनुभव करेगा वह बराबर है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

कण B पर गुरुत्वीय आकर्षण बल $ F_g = { GMp m \over (Dp /2 )^2 } $ गुरुत्व के कारण कण का त्वरण $ a = {Fg \over m } = { 4GMp \over Dp^2 } $

पृथ्वी का द्रव्यमान $6.00 \times 10^{24} kg $ तथा चंद्रमा का $7.40 \times 10^{22} kg $ है। गुरुत्वाकर्षण नियतांक$ G = 6.67 \tmies 10^{-11} Nm^2 kg^{–2}$। निकाय की स्थितिज ऊर्जा $ -7.79 \times 10^{28} Joules$ है। पृथ्वी तथा चंद्रमा के बीच औसत दूरी = मीटर।

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

$ U = - { GMm \over r } $ $ 7.79 \times 10^{28} = { 6.67 \times 10^{11} \times 7 \times 10^{22} \times 6 \times 10^{24} \over r } $ $ \therefore r = 3.8 \times 10^8 m $

पृथ्वी तथा चंद्रमा के द्रव्यमान तथा त्रिज्याएँ क्रमशः $M_1$, $R_1$ तथा $M_2$, $ R_2$
हैं। उनके केंद्र d दूरी पर हैं। द्रव्यमान m के कण को उनके केंद्रों के ठीक बीच के बिंदु से किस न्यूनतम वेग से प्रक्षेपित किया जाना चाहिए ताकि वह अनंत तक पलायन कर जाए...............

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

$ V = - { GM_1 \over d/2 } + -{GM_2 \over d/2 } $ $ Now P.E = mv = -{2 GM \over d} (m_1 + m_2 ) (m --> mass of particle) $ गतिज ऊर्जा = स्थितिज ऊर्जा $ \Rightarrow { 1 \over 2 } mv^2 = { 2GM \over d } (m_1 + m_2 ) $ $ \Rightarrow v = 2 \sqrt { G (M_1 + M_2 ) \over d } $

एक रॉकेट वेग $10 kms^{-1}$ से प्रक्षेपित किया जाता है। यदि पृथ्वी की त्रिज्या R है तो उसके द्वारा प्राप्त अधिकतम ऊँचाई होगी = ..............

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

यदि वस्तु को वेग $ \upsilon ( \upsilon \lt Ve ) $ से प्रक्षेपित किया जाए तो ऊँचाई $ h = { R \over { Ve^2 \over V^2} -1 }= { R \over \left( { 11.2 \over 10} \right)^2} =4 R (approx ) $ तक

m kg द्रव्यमान की एक वस्तु पृथ्वी की सतह से 2R ऊपर के बिंदु से गिरना प्रारंभ करती है। जब वह पृथ्वी की सतह से 'R' ऊपर के बिंदु तक गिर चुकी होती है तब उसकी गतिज ऊर्जा = ..................... [R - पृथ्वी की त्रिज्या, M- पृथ्वी का द्रव्यमान, G- गुरुत्वाकर्षण नियतांक]

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

$ P.E U = - { GMm \over r } = { GMm \over R+ h } $ $ U _ { initial } = - { GMm \over 3R } and U_{ final } = -{ GMm \over 2r } $ $ loss of P.E = gain in K.E = { GMm \over 2 R } - { GMm \over 3R } = { GMm \over 6R } $

द्रव्यमान m के किसी कण का पलायन वेग किस रूप में बदलता है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

क्योंकि यह प्रक्षेप्य के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता

Ready to ace NEET?

Free access · No credit card required

Frequently Asked Questions

हाँ। इस पेज के हर Gravitation प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।

नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।

इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।