गैस का तापमान 27C से बढ़ाकर 927C किया जाता है तो वर्ग माध्य मूल वेग है
(d) T1 तापमान पर वर्ग माध्य मूल वेग,
U1 = .....(i)
T2 तापमान पर वर्ग माध्य मूल वेग,
U2 = ......(ii)
समी. (i) को समी. (ii) से भाग देने पर
U1/U2 = = =1/2
U2 = 2U1
Kinetic Theory of Gases (Physics) के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।
गैस का तापमान 27C से बढ़ाकर 927C किया जाता है तो वर्ग माध्य मूल वेग है
(d) T1 तापमान पर वर्ग माध्य मूल वेग,
U1 = .....(i)
T2 तापमान पर वर्ग माध्य मूल वेग,
U2 = ......(ii)
समी. (i) को समी. (ii) से भाग देने पर
U1/U2 = = =1/2
U2 = 2U1
27C पर 500 mL नाइट्रोजन को उसी दाब पर -5C तक ठंडा किया जाता है। नया आयतन हो जाता है
(b) प्रारंभिक आयतन, V1 = 500 mL
प्रारंभिक तापमान,
T1 = 27C = 27 + 273 = 300 K
अंतिम तापमान,
T2 = -5 + 273 = 268 K
V2 = ?
V1/T1 = V2/T2
V2 = V1T2/T1 = (500 x 268)/300 = 446.66 mL
750 mm दाब पर किसी गैस के 600 cc को संपीडित करके 500 cc किया जाता है। तापमान नियत मानते हुए, दाब में वृद्धि है
(a) बॉयल के नियम के अनुसार,
p1V1 = p2V2
750 x 600 =p2 x 500
p2 = (750 x 600)/500 = 900 mm
अतः, दाब में वृद्धि = 900-750 =150 mm
निम्नलिखित में से किस तापमान-दाब स्थिति पर, किसी गैस का आदर्श व्यवहार से विचलन न्यूनतम होने की अपेक्षा है?
(b) कोई वास्तविक गैस निम्न दाब तथा उच्च तापमान पर आदर्श गैस की तरह व्यवहार करती है।
सही कथन चुनिए। गैस समीकरण PV = nRT में
(c) आदर्श गैस समीकरण pV = nRT है
जहाँ, V किसी गैस के n मोलों का आयतन है।
यदि कोई गैस नियत तापमान पर फैलती है, तो यह दर्शाता है कि
(c) KE =RT (गैस के एक मोल के लिए)
चूँकि, किसी गैसीय अणु की गतिज ऊर्जा केवल तापमान पर निर्भर करती है, अतः नियत तापमान पर, अणुओं की गतिज ऊर्जा समान रहती है।
किन परिस्थितियों में किसी आदर्श गैस का शुद्ध नमूना न केवल 1 atm का दाब बल्कि 1 mol L-1 की सांद्रता भी दर्शाएगा? (R=0.082 L atm mol-1deg-1)
(c) आदर्श गैस समीकरण के अनुसार,
pV = nRT
p = RT
1 atm = 1 mol L-1 x 0.082 x T
T =1/0.082 = 12 K
STP पर किसी गैस की संपीड्यता एकांक से कम है। अतः:
(b) संपीड्यता गुणांक (Z) = (Px22.4)/RT = 1 (आदर्श गैस के लिए)
(Z) = (P x Vm)/RT <1 (वास्तविक गैस के लिए)
... 22.4/Vm > 1 अथवा Vm < 22.4
ऐसी गैस की विसरण दर जिसका अणु भार नाइट्रोजन गैस से ठीक दुगुना है 56 mls–1 है। नाइट्रोजन की विसरण दर होगी [CPMT 2000]
;
अथवा
हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन गैसों के बराबर मोल किसी पात्र में रखे जाते हैं जिसमें एक सूक्ष्म छिद्र है जिससे दोनों निकल सकती हैं। आधी हाइड्रोजन के निकलने में लगने वाले समय में ऑक्सीजन का कितना भाग निकलता है?
(d) दिया है, हाइड्रोजन () तथा ऑक्सीजन () के मोलों की संख्या बराबर है।
... हमारे पास, निकले मोलों की संख्या के अनुपात तथा अणु द्रव्यमान के अनुपात के बीच संबंध है।
जहाँ, M = अणु का अणु द्रव्यमान
=
= 0.5/4 =1/8
Ready to ace NEET?
Free access · No credit card required
हाँ। इस पेज के हर Kinetic Theory of Gases प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।
नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।
इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।