Rotational Motion NEET प्रश्न हिंदी में — भौतिक विज्ञान (Physics) MCQ उत्तर सहित

Rotational Motion (Physics) के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

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50 kg द्रव्यमान का एक व्यक्ति गुरुत्वहीन अंतरिक्ष में फर्श से 10m की ऊँचाई पर खड़ा है। वह 0.5 kg द्रव्यमान का एक पत्थर चाल 2 ms-1. से नीचे की ओर फेंकता है। जब पत्थर फर्श पर पहुँचता है, तो फर्श से व्यक्ति की दूरी होगी 

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mr = नियत

  m1r1=m2r2

⇒             r2=m1r1m2

  =0.5×1050=0.1

फर्श से व्यक्ति की दूरी (कुल ऊँचाई)=10+0.1=10.1m.

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यदि F→ स्थिति सदिश r→ वाले किसी कण पर कार्य करने वाला बल है तथा τ→ मूल बिंदु के परितः इस बल का बल आघूर्ण है, तो 

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मुख्य विचार    बल आघूर्ण एक अक्षीय सदिश है अर्थात्, उसकी दिशा सदैव सदिशों r→ तथा F→ वाले तल के लंबवत होती है।

  τ→=r→ × F→

  बल आघूर्ण r→तथा  F→ दोनों के लंबवत है

  ∴  τ→·r→=0  F→·τ→=0

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द्रव्यमान M तथा त्रिज्या R का एक पतला वृत्ताकार वलय अपने तल के लंबवत अक्ष के परितः क्षैतिज तल में नियत कोणीय वेग ω. से घूम रहा है। यदि प्रत्येक द्रव्यमान m की दो वस्तुएँ वलय के किसी व्यास के विपरीत सिरों पर धीरे से जोड़ दी जाएँ, तो वलय जिस कोणीय वेग से घूमेगा वह होगा -

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मुख्य विचार

कोणीय संवेग संरक्षण का नियम लागू कीजिए।

  I1ω1=I2ω2

दी गई स्थिति में 

  I1=MR2

  I2=MR2+2mR2

  ω1=ω

तब  ω2=I1I2ω=MM+2mω

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प्रत्येक द्रव्यमान M तथा लंबाई t की चार सर्वसम पतली छड़ें एक वर्गाकार फ्रेम बनाती हैं। वर्ग के केंद्र से गुजरती तथा उसके तल के लंबवत अक्ष के परितः इस फ्रेम का जड़त्व आघूर्ण है 

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समांतर अक्ष प्रमेय लागू कीजिए तथा कुल जड़त्व आघूर्ण प्रत्येक छड़ के जड़त्व आघूर्ण का योग होगा।

छड़ का उसके द्रव्यमान केंद्र से गुजरती तथा छड़ के लंबवत अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण + (छड़ का द्रव्यमान) × (दो अक्षों के बीच लंबवत दूरी)

  =Mt212+Mt22=Mt23

निकाय का जड़त्व आघूर्ण = Mt23×4

  =43Mt2

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200g द्रव्यमान का एक गोला 4 kg द्रव्यमान की बंदूक से किसी विस्फोट द्वारा छोड़ा जाता है जो 1.05 kJ ऊर्जा उत्पन्न करता है। गोले का प्रारंभिक वेग है -

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दी गई समस्या में रैखिक संवेग संरक्षण से प्राप्त होता है। 

  m1v1+m2v2=0

 अथवा  4v1+0.2v2=0       ....(i)

ऊर्जा संरक्षण से प्राप्त होता है। 

12 m1v12 +12m2v22=1050 0r   12 ×4v12+12×0.2×v22=1050or    2v12+0.1 v22=1050 ....(ii)

समी. (i) तथा (ii) हल करने पर, हमारे पास है 

  v2=100 m/s

 

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एक दृढ़ पिंड यांत्रिक साम्य में कहा जाता है यदि वह निम्नलिखित में से किस शर्त को संतुष्ट करता है?

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NCERT पाठ के अनुसार, 'एक दृढ़ पिंड यांत्रिक साम्य में कहा जाता है यदि उसका रैखिक संवेग और कोणीय संवेग दोनों समय के साथ नहीं बदल रहे हों, या समतुल्य रूप से, पिंड में न रैखिक त्वरण हो न कोणीय त्वरण।'

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किसी दृढ़ पिंड के स्थानांतरीय साम्य में होने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी सदिश शर्त पूरी होनी चाहिए?

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NCERT पाठ कहता है: '(1) दृढ़ पिंड पर कुल बल, अर्थात् बलों का सदिश योग, शून्य है; $\sum \vec{F_i} = 0$' — यह स्थानांतरीय साम्य के लिए है। यदि पिंड पर कुल बल शून्य है, तो पिंड का कुल रैखिक संवेग समय के साथ नहीं बदलता।

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किसी दृढ़ पिंड के घूर्णी साम्य की शर्त दी जाती है:

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NCERT पाठ के अनुसार: '(2) कुल बल-आघूर्ण, अर्थात् दृढ़ पिंड पर बल-आघूर्णों का सदिश योग, शून्य है, $\sum \vec{\tau_i} = 0$।' यह घूर्णी साम्य की शर्त है। यदि दृढ़ पिंड पर कुल बल-आघूर्ण शून्य है, तो पिंड का कुल कोणीय संवेग समय के साथ नहीं बदलता।

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एक ऐसे दृढ़ पिंड पर विचार कीजिए जिस पर कार्यरत सभी बल समतलीय हैं। इसके यांत्रिक साम्य के लिए कितनी स्वतंत्र शर्तें आवश्यक हैं?

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NCERT पाठ कहता है: 'अनेक प्रश्नों में पिंड पर कार्यरत सभी बल समतलीय होते हैं। तब यांत्रिक साम्य के लिए हमें केवल तीन शर्तों के संतुष्ट होने की आवश्यकता होती है। इनमें से दो शर्तें स्थानांतरीय साम्य के संगत हैं... तीसरी शर्त घूर्णी साम्य के संगत है।'

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एक कण के लिए, उसके साम्य हेतु निम्नलिखित में से कौन-सी शर्तें लागू होती हैं?

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पाठ स्पष्ट कहता है: 'चूँकि घूर्णी गति का विचार किसी कण पर लागू नहीं होता, अतः कण पर केवल स्थानांतरीय साम्य की शर्तें (समी. 6.30 a) लागू होती हैं। इस प्रकार, किसी कण के साम्य के लिए उस पर लगने वाले सभी बलों का सदिश योग शून्य होना चाहिए।'

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Frequently Asked Questions

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