पिस्टन से सुसज्जित दो सिलिंडर A और B में 300 K पर एक आदर्श द्विपरमाणुक गैस की समान मात्रा है। A का पिस्टन स्वतंत्र रूप से गति कर सकता है जबकि B का पिस्टन स्थिर रखा गया है। प्रत्येक सिलिंडर में गैस को समान मात्रा में ऊष्मा दी जाती है। यदि A में गैस के तापमान में वृद्धि 30 K है, तो B में गैस के तापमान में वृद्धि है
दोनों सिलिंडरों A और B में गैसें द्विपरमाणुक हैं (γ = 1.4)। पिस्टन A स्वतंत्र रूप से गति कर सकता है अर्थात् यह समदाबी प्रक्रम है। पिस्टन B स्थिर है अर्थात् यह समआयतनिक प्रक्रम है। यदि दोनों को समान मात्रा में ऊष्मा ΔQ दी जाए तो
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